December 8, 2022

रूस ने भारत के साथ फिर निभाया ‘याराना’, UNSC में स्थाई सदस्यता के लिए किया समर्थन


UN Security Council: रूस ने एक बार फिर भारत (India) के साथ याराना निभाया है. उसने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के स्थाई सदस्य के लिए भारत का समर्थन किया है. रूस (Russia) के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई सदस्यता की सिफारिश की है. उन्होंने 77वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा है कि भारत एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय देश (International Country) है, इसलिए स्थाई सदस्यता के लिए विचार किया जाना चाहिए.

उन्होंने महासभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के देशों के प्रतिनिधित्व के माध्यम से सुरक्षा परिषद को अधिक लोकतांत्रिक बनाने की संभावना को देखते हैं. विशेष रूप से भारत और ब्राजील प्रमुख अंतरराष्ट्रीय देश हैं, इसलिए इन दोनों देशों की स्थाई सदस्यता के लिए विचार किया जाना चाहिए.’

पश्चिमी देशों पर लगाया ये आरोप

रूस के विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों पर यूक्रेन के रूसी नियंत्रण वाले इलाकों में जनमत संग्रह कराने को लेकर जोर देने का आरोप भी लगाया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए सर्गेई लावरोव ने कहा कि युद्ध के आसपास के संकट बढ़ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्थिति तेजी से बिगड़ रही है, लेकिन ईमानदार बातचीत और समझौते की तलाश के बजाय पश्चिमी देश अतंरराष्ट्रीय संस्थानों में विश्वास कम कर रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र के अंदर नकारात्मक प्रवृत्तियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं.

‘पूरी दुनिया बदल देना चाहता है अमेरिका’

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया को बदल देना चाहता है और इसके लिए वो पूरी कोशिश कर रहा है. अपने साझेदारों के साथ मिलकर विश्व के विचारों से असहमति जताने वालों को प्रतिबंधित कर रहा है. उन्होंने कहा कि अवैध और एकतरफा प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हैं और गरीब देशों के नागरिकों के मिलने वाली दवा, टीकों और खाद्य आयात को लक्षित करके नुकसान पहुंचाते हैं.

भारत का संयुक्त बयान

इससे पहले सुधारों पर एक संयुक्त बयान (Joint Statement) में 31 देशों के साथ भारत (India) ने कहा था कि स्थाई और गैर स्थाई दोनों श्रेणियों में सुरक्षा परिषद (Security Council) का विस्तार करना चाहिए. संयुक्त बयान के हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि वे इस बात की पुष्टि करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) को समकालीन विश्व वास्तविकताओं के अनुरूप बनाने के लिए आवश्यक रूप से सुरक्षा परिषद के तत्काल और व्यापक सुधार की आवश्यकता है, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए प्रमुख अंग है.

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