December 8, 2022

जलाशयों पर पितरों की आत्मा की शांति का जतन: सर्व पितृ अमावस्या पर सामूहिक तर्पण कर पितरों को दी विदाई


जोधपुर17 मिनट पहले

कायलाना झील के तख्तसागर पर तर्पण करते लाेग।

जोधपुर के सभी जलाशयों पर आज सुबह से ही सामूहिक तर्पण किया जा रहा है। श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या पर आज पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण व पिंडदान किया जा रहा है। श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन होने से पितरों को विदाई में पंडितों ने सामुहिक पिंडदान व तर्पण करवाया। इस दिन शहर की कायलाना झील, पदमसागर, गुलाबसागर, सिवांचीगेट रामऋषि महाराज आश्रम स्थित जलकुंड, उम्मेद सागर सहित विभिन्न जलाशयों में पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया ।कायलाना पर भारी संख्या में तर्पण के लिए मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए गौताखोर भी मुस्तैद रहे। तख्तसागर पर गोताखोर भरत चौधरी,रामू, गणेश, शंकर, काना, राजू व चौकी इंचार्ज गणपत सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। अल सुबह 5 बजे से तर्पण का सिलसिला शुरु हुआ।

भीतरी शहर में पदमसागर पर सामूहिक तर्पण का आयोजन हुआ। लोगों ने जलाशयों पर अल सुबह से ही तर्पण कार्य किया। पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ विधि विधान से तर्पण करवाया।

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पितरों को अमावस्या पर विदाई दी जाती है। इस दिन तर्पण करना आवश्यक माना गया है। माना जाता है कि श्राद्ध पक्ष में पितरदेव संसार में अपने परिजनों के आसपास रहते हैं। इस दौरान उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान करना शुभ रहता है। इसी मान्यता के चलते लोगों ने अपने दिवंगत परिजनों के लिए तर्पण किया। घरों में श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन भोज का आयोजन भी किया जा रहा है। श्राद्ध के पंद्रह दिन में अपने दिवंगत परिजनों के लिए भाेज का आयोजन नहीं कर पाए वह अमावस्या पर आयोजन कर रहे हैं।

कायलाना में प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। तर्पण स्थल पर गोताखोरों को तैनात किया गया। वही चौकी प्रभारी भी मौके पर मौजूद रहे।

कायलाना में प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। तर्पण स्थल पर गोताखोरों को तैनात किया गया। वही चौकी प्रभारी भी मौके पर मौजूद रहे।

चाेहटे मेंं दूध के भाव बढ़े

अमावस्या पर पितरों को खीर का भोग लगाने की परम्परा के चलते बाजार में दूध के भाव और बढ गए है। इधर लंपी बीमारी के असर से चोहटे में रोजाना आने वाली दूध की आवक आधी रह गई है। दूध के भाव 55 से 60 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं अमावस्या के कारण कल रात में यह भाव 65 रुपए तक भी पहुंचे हैं। जालोरी गेट बालवाड़ी स्कूल व जालोरी गेट बारी स्थित दूध चोहटे पर सुबह व शाम में 70 हजार लीटर दूध औसतन रोजाना आता है, लेकिन अभी इसकी आवक घटकर 35 हजार लीटर ही रह गई है।

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